प्रदेश में होने वाली 68500 प्राइमरी शिक्षको की भर्ती प्रक्रिया पर उठने लगे है सवाल , बीटीसी संयुक्त मोर्चा संघ ने नियमावली में संशोधन कर प्रदेश स्तरीय मेरिट बनाने की मांग की

प्रदेश में होने वाली 68500 प्राइमरी शिक्षको की भर्ती प्रक्रिया पर उठने लगे है सवाल :परिषदीय स्कूलों के लिए 68 हजार 500 पदों पर प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। बीटीसी संयुक्त मोर्चा संघ ने नियमावली में संशोधित कर प्रदेश स्तरीय मेरिट बनाने की मांग की है। उन्होंने मांग के समर्थन में संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।

शुक्रवार को बीटीसी संयुक्त मोर्चा संघ के जिलाध्यक्ष संदीप लांबा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन डीएम पीके पांडेय को सौंपा। उनका कहना था कि प्रस्तावित सीधी भर्ती के लिए नियम 14(1) का अनुसरसण किया जायेगा, जो पात्रता पूरी करने वाले प्रशिक्षुओं के लिए नुकसानदेह है। नियम के अनुसार प्रशिक्षु उसी जिले में आवेदन का पात्र होगा जहां से उसने प्रशिक्षण लिया है, इससे भर्ती प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण हो जाएगी।

उनका कहना था कि इस नियम के कारण भर्ती प्रक्रिया में भी एएनएम की तहर कम मेरिट वाले अभ्यर्थी चयनित होंगे। योग्य व उच्च मेरिट वाले प्रशिक्षु चयन से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह नियम केवल उस समय तक ही प्रासंगिक था जब प्रशिक्षण केवल गृह जिले में होता था। वर्तमान में प्रशिक्षण प्रदेश स्तरीय मेरिट बनाकर प्रशिक्षुओं को किसी भी जिले में प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रदेशीय मेरिट बनाकर जिलावार काउंसिलिंग कराई जाती है। संघ ने बताया कि जिन जिलों में प्रशिक्षुओं की संख्या अधिक है वहां प्रशिक्षुओं के सापेक्ष रिक्त पदों की संख्या बहुत कम होती है। पूर्व में हुई भर्ती प्रक्रिया में ये बातें सामने आ चुकी है। प्रतिनिधिमंडल ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर एक मेरिट के आधार पर भर्ती कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रणजीत सिंह, अजित सिंह, मौ.मुजाहिद, मौ.आसिम जमान थे।

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