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अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन के बाद विवादों में फंसी 24 हज़ार भर्तियां होगी आयोग के सामने चुनौती , बेरोजगार कर रहे भर्तियों के पुरे होने का 10 महीनो से इंतज़ार

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का नए सिरे से गठन होने के बाद अब 65 हजार भर्तियों की चुनौती आयोग के सामने हैं। इनमें वो 24 हजार भर्तियां आयोग की पहली परीक्षा होंगी, जो विवादों के कारण रोक दी गई थीं। इसकी वजह यह है कि इनमें ज्यादातर भर्तियों की विजिलेंस जांच चल रही है। इसके बाद बची हुईं 41 हजार भर्तियों का भी बेरोजगारों को इंतजार रहेगा, जिनका ब्योरा विभागों से आ चुका है। इनके लिए नए आवेदन मांगे जाएंगे।

मार्च में बीजेपी सरकार बनने पर आयोग की भर्तियों पर रोक लगा दी गई थी। उस समय 24 हजार भर्तियों के लिए प्रक्रिया चल रही थी। ज्यादातर के इंटरव्यू भी हो चुके थे। कुछ के आवेदन आ गए थे और इंटरव्यू होने वाले थे। विवादों के कारण इन भर्तियों की जांच विजिलेंस को दे दी गई थी। इस दौरान लगभग 41 हजार अन्य भर्तियों के लिए विभागों से ब्योरा मांगा जा चुका था, लेकिन आवेदन नहीं मांगे गए। इनमें 20 हजार के लिए प्रस्ताव तैयार हो गया था।

जल्द जांच की अपील करेगा आयोग : 
आयोग के नए अध्यक्ष सीबी पालीवाल का कहना है कि सबसे पहले 24 हजार भर्तियों पर निर्णय लिया जाएगा। इन भर्तियों के लिए युवा आवेदन कर चुके हैं और वे इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते में आयोग इस बारे में निर्णय लेकर स्थिति साफ कर देगा। उन्होंने कहा कि विजिलेंस से भी अपील की जाएगी कि इनके बारे में जल्द स्थिति साफ की जाए। हम साफ-सुथरे ढंग से भर्तियां करना चाहते हैं। जो भर्तियां गलत हुई हैं, तो उनके बारे में हमें बता दिया  जाए। उसके आगे हम काम करें। हमारा मकसद पारदर्शिता और ईमानदारी से भर्तियां करना है। हम चाहते हैं कि युवाओं को ज्यादा इंतजार न करना पड़े।

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