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यूपी पुलिस खबर :: पीएसी से अब पुलिस में जा सकेंगे सिपाही , कांस्टेबल शस्त्र  पुलिस अब किये गए पीएसी में शामिल , क्लिक करे और पढ़े पूरी खबर

UP POLICE CONSTABLE POSTING NEW SCHEME :कांस्टेबल शस्त्र  पुलिस अब पीएसी में शामिल कर दिए गए हैं। उन्हें सिविल पुलिस से हटा दिया गया है। इस तरह सश पुलिस व पीएसी के कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर व इंस्पेक्टर स्तर के पदों को शामिल करते हुए एक संवर्ग बना दिया गया है। इस संवर्ग का प्रबंधन पीएसी मुख्यालय द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश प्रादेशिक आम्र्ड कांस्टेबुलरी अधीनस्थ सेवा नियमावली 2015 के तहत पहली नियुक्ति पर सभी कांस्टेबल पीएसी में ही नियुक्त किए जाएंगे।

32 वर्ष की उम्र के बाद उन्हें जिलों या अन्य इकाइयों में सश पुलिस में भेजा जाएगा। इससे पहले 30 अक्टूबर 2015 के शासनादेश द्वारा कांस्टेबल सश पुलिस के कुल मंजूर 28084 पदों को कांस्टेबल सिविल पुलिस के 2,23,844 पदों के साथ मिला देने का निर्णय लिया गया था। तब दोनों पदों को मिलाकर यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पदों की संख्या 2,51,928 हो गई थी। ताजा शासनादेश के अनुसार कांस्टेबल सश पुलिस के 28084 पदों को सिविल पुलिस से हटा दिया गया है। यह शासनादेश 30 जून 2017 के डीजीपी के प्रस्ताव के आधार पर जारी किया गया है। इसमें कहा गया था कि कांस्टेबल सश पुलिस के कार्य सिविल पुलिस के कांस्टेबल से अलग हैं। इस कारण उनकी ट्रेनिंग भी अलग होती है।

इन्हें एक ही संवर्ग में शामिल कर दिए जाने से व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार की ओर से जारी इस शासनादेश में पीएसी से सश पुलिस में विभिन्न पदों के अधिकारियों के स्थानान्तरण का मानक भी तय किया गया है। इसके अनुसार जनपदीय सश पुलिस व इकाइयों में तैनाती आयु 32 वर्ष से अधिक एवं 39 वर्ष तक 25 प्रतिशत, आयु 39 वर्ष से अधिक एवं 46 वर्ष तक 25 प्रतिशत, आयु 46 वर्ष से अधिक एवं 53 वर्ष तक 25 प्रतिशत तथा आयु 53 वर्ष से अधिक 25 प्रतिशत तक होगी।

आयु की गणना स्थानान्तरण के कैलेंडर वर्ष की पहली जनवरी को की जाएगी। कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, एवं सब इंस्पेक्टर सश पुलिस के पद पर पीएसी से सश पुलिस या इकाई में स्थानान्तरण के लिए इच्छुक कर्मचारियों से प्रार्थना पत्र लिया जाएगा। पीएसी से जिले में स्थानान्तरण होने पर कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल को इंडक्शन कोर्स कराया जाएगा। जिलों में इन्हें स्टेटिक गार्ड, बंदी स्कोर्ट, सिक्योरिटी गार्ड, परिसर सुरक्षा, निजी सुरक्षा व आरमरी आदि की सुरक्षा का दायित्व दिया जाएगा।

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