प्रदेश के प्रत्येक बेरोजगार युवा को सरकारी नौकरी संभव नहीं :: सीएम योगी आदित्यनाथ

आईआईटी कानपुर की स्टार्टअप मास्टर क्लास में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास, स्टार्टअप, गांव-गरीब और राजनीति की बातें कीं। सीएम ने कहा कि शहरों के आधारभूत ढांचे चरमरा रहे हैं। विकास के लिए हर ग्राम पंचायत में एक स्टार्टअप खोलना होगा। सरकार हर युवा को नौकरी नहीं दे सकती।

हर गांव में स्टार्टअप : 
सीएम ने कहा कि अगले 6-7 महीनों में यूपी की 60 हजार ग्राम पंचायतों में फाइबर ऑप्टिक केबल पहुंच जाएगा। वास्तविक विकास के लिए हर पंचायत में एक स्टार्टअप खोलना होगा। रोजगार के लिए गांवों से शहरों में पलायन हो रहा है। पिछले दिनों सरकार ने बेसिक शिक्षकों के लिए आवेदन मांगे तो 15 लाख अर्जियां आईं। लोग सरकारी नौकरी तो चाहते हैं, लेकिन गांवों में लोगों को साक्षर नहीं करना चाहते।

तारीफ संग आइना दिखाया : 
सीएम ने कहा कि आईआईटी कानपुर प्रदेश के लिए एक उपलब्धि है। जब विकास की बात होती है तो इसे क्षेत्र विशेष के साथ जोड़ने से कुछ कमी आती है। प्रदेश में हर जगह विषमता है। मार्च-2017 में जब सारे विभागों के साथ स्मार्ट सिटी पर बैठक हुई तो पता चला कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर किसी के पास कोई प्लान नहीं है। सत्ता अधिष्ठान में भी आईआईटी के पूर्व छात्र बैठे हैं। ऐसे में इस विषय पर विचार होना चाहिए कि कमी कहां रह गई।

पानी की समस्या होगी :
सीएम ने कहा कि पिछली बारिश में नेपाल से सटे 24 जिलों में बाढ़ थी, लेकिन बाकी प्रदेश सूखा था। फरवरी के बाद बुंदेलखंड, कानपुर और आगरा डिविजन के कुछ हिस्सों में पानी की भीषण समस्या होगी। नवंबर में प्रदूषण बढ़ने पर कृत्रिम बारिश का प्लान बनाया, लेकिन योजना पूरी नहीं हो सकी। उद्योग के साथ तकनीक जुड़ेगी तो गंगा में गंदगी जैसी समस्याएं सुलझेंगी। कानपुर में सरकारी हिसाब से 12-15 लाख लोगों के लिए सुविधा है, लेकिन 50 लाख लोग इसका उपभोग कर रहे हैं। वाराणसी, गोरखपुर में भी यही समस्या है।

जन्मभूमि के लिए दायित्व : 
सीएम ने कहा कि राम वनवास के बाद जन्मभूमि के लिए अपने दायित्व के कारण सोने की लंका छोड़कर अयोध्या लौट आए। आईआईटी के छात्रों की संस्थान, समाज और देश के लिए जिम्मेदारी है। जल्द ही आईआईटी और एकेटीयू के बीच एक एमओयू होगा।

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